जब मै छोटा था Proud Feel करता था I Am Indian, आज शर्म आ रही है। हिन्दुस्तान को गुलामी से आज़ाद कराने वाले महापुरषों, क्रांतिकारियों ने क्या ऐसे भारत की उम्मीद की थी जहाँ जगह जगह शराब के अड्डे हों, लड़के शराब के नशे में धुत्त होकर किसी लड़की जिसके अन्दर एक बहेन का, माँ का , मित्र का , अर्धांगनी का चरित्र है उसकी आबरू से खुलेआम खिलवाड़ करें, घिनौना कर्म करें। आज बलात्कार पीडिता की साँसे टूट चुकी है, आँखें सदा के लिए सो चुकी हैं, सदा के लिए वह इस जालिम समाज से निकलकर एक ऐसी जगह जा चुकी है जहाँ कम से कम उसके साथ कोई अपराध तो नहीं होगा, बस उसकी आत्मा रोएगी तडपेगी उस माँ का प्यार पाने के लिए जिसने उसे जन्म दिया, उस पिता का दुलार पाने को जिसने उसकी ऊँगली थाम उसे चलना सिखाया। झटपटाएगी वो न्याय पाने के लिए। अभी वो जी सकती थी घर बसा सकती थी, चंद लोगों ने उसे जीने नहीं दिया। हार गयी वो मौत से। यह साल हमें बहुत कुछ देकर जा रहा है। बहुत कुछ सिखाकर जा रहा है। एक दर्द भी जो सारी ज़िन्दगी न मिटेगा। खुद को मर्द कहने वाले चंद लोग शर्म आती है मुझे ऐसे लोगों, उनकी मर्दानगी पर जिन्होंने मर्द जात को कलंकित किया। भले ही 2012 के ख़त्म होने में अभी 2 दिन शेष हैं मगर सही मायनो में 2012 का सूर्य सदा सदा के लिए अस्त हो चुका है कुछ शेष नहीं अब। नए साल की खुशियों में ये दास्ताँ न भूल जाना दोस्तों, इस दर्द को भी अपने साथ शरीक करना महसूस करना। take RIP....
उसके माता पिता को हज़ार बेटियों का प्यार मिले, उनका उजड़ा घर फिर तो नहीं बसा सकता बस ये दुआ करता हूँ ईश्वर उन्हें इन कठोर परिस्थितियों से लड़ने का सामर्थ्य दे।
अलविदा 2012 !!
उसके माता पिता को हज़ार बेटियों का प्यार मिले, उनका उजड़ा घर फिर तो नहीं बसा सकता बस ये दुआ करता हूँ ईश्वर उन्हें इन कठोर परिस्थितियों से लड़ने का सामर्थ्य दे।
अलविदा 2012 !!